introduction
बच्चे की हथेली और माथा गर्म रहता है लेकिन बुखार नहीं होता तो माता-पिता क्या करें? इस लेख में जानिए इसके कारण, घर पर देखभाल, इलाज और कब डॉक्टर को दिखाना ज़रूरी है।
मेरे बच्चे की हथेली और माथा गर्म क्यों रहता है
बहुत से माता-पिता यह महसूस करते हैं कि उनके बच्चे की हथेलियाँ और माथा अक्सर गर्म रहते हैं। कई बार बच्चा ठीक दिखता है, खेलता है, खाता-पीता है, फिर भी जब हाथ लगाया जाता है तो माथा और हथेलियाँ गर्म लगती हैं। ऐसे में माता-पिता का घबरा जाना स्वाभाविक है।
सबसे पहले एक बात साफ समझ लें।
हर बार हथेली और माथा गर्म होना बुखार या बीमारी का संकेत नहीं होता।
अधिकतर मामलों में यह बच्चों के शरीर की सामान्य क्रिया होती है। फिर भी कुछ स्थितियों में इस पर ध्यान देना ज़रूरी हो जाता है।
Must Read : Acidity: Karan, Lakshan, Ilaaj aur Sahi Dawa
सबसे पहले माता-पिता क्या करें
सरल और तुरंत उपाय
यदि बच्चे की हथेली और माथा गर्म है लेकिन बच्चा खेल रहा है सामान्य रूप से खा-पी रहा है अलसाया हुआ नहीं है बुखार नहीं है तो घबराने की आवश्यकता नहीं है।आप तुरंत ये कदम उठा सकते हैं बच्चे को हल्के सूती कपड़े पहनाएँ कमरे को ज़्यादा गर्म न रखें बच्चे को समय-समय पर पानी या दूध देते रहें भारी कंबल या ज़्यादा कपड़े न पहनाएँ अधिकतर मामलों में इतना करने से ही स्थिति सामान्य लगने लगती है।
Must Read : Migraine Ka Ilaj: Tez Sir Dard Kyon Hota Hai Aur Kaunsi Dawai Li Jati Hai
बच्चे की हथेली और माथा गर्म रहने के मुख्य कारण
1. बच्चों का शरीर बड़ों से अलग काम करता है
बच्चों का शरीर तेजी से काम करता है। उनका रक्त संचार और शरीर की गर्मी नियंत्रित करने की प्रक्रिया अलग होती है। इसी कारण उनके हाथ और माथा अक्सर गर्म महसूस होते हैं, विशेषकर छोटे बच्चों में। यह स्थिति सामान्य मानी जाती है।
2. कमरे का तापमान और कपड़े
यदि कमरा बहुत गर्म है, हवा का प्रवाह ठीक नहीं है या बच्चे को ज़्यादा कपड़े पहनाए गए हैं, तो सबसे पहले हथेलियाँ और माथा गर्म महसूस होते हैं। कई बार माता-पिता अच्छे इरादे से बच्चे को ज़रूरत से ज़्यादा ढक देते हैं।
3. खेलकूद या रोने के बाद
यदि बच्चा खेलकर आया है, दौड़ा है या रोया है, तो कुछ समय के लिए हथेलियाँ और माथा गर्म लग सकते हैं। यह शरीर की स्वाभाविक प्रतिक्रिया होती है।
4. शरीर में पानी की कमी
बच्चों में हल्की-सी पानी की कमी भी शरीर की गर्मी बढ़ा सकती है। ऐसे में हथेलियाँ और माथा गर्म महसूस होते हैं, जबकि शरीर में बुखार नहीं होता।
5. बच्चे की बढ़त के समय
जब बच्चा बढ़ रहा होता है, उस समय शरीर के अंदर कई बदलाव चल रहे होते हैं। इस दौरान भी माता-पिता को बच्चे की हथेली और माथा गर्म लग सकता है।
6. बुखार की शुरुआत
कभी-कभी बुखार आने से कुछ घंटे पहले ही हथेलियाँ और माथा गर्म महसूस होने लगते हैं। यदि कुछ समय बाद तापमान बढ़ने लगे, तो यह बुखार का प्रारंभ हो सकता है|
कब इसे सामान्य माना जाता है
यदि
बच्चा सक्रिय है
खाना-पीना ठीक है
कमज़ोरी नहीं है
थर्मामीटर से बुखार नहीं है
तो केवल हथेली और माथा गर्म होना सामान्य माना जाता है।
कब माता-पिता को सावधान होना चाहिए
यदि गर्म हथेली और माथे के साथ ये लक्षण हों
बुखार आ जाए
बच्चा सुस्त हो जाए
खाना-पीना कम कर दे
बार-बार उलटी या दस्त हों
रात में बहुत बेचैनी हो
तो डॉक्टर को दिखाना ज़रूरी हो जाता है।
घर पर देखभाल और इलाज
सरल और सुरक्षित उपाय
बच्चे को हल्के कपड़े पहनाएँ
कमरे में ताज़ी हवा आने दें
बच्चे को पर्याप्त तरल पदार्थ दें
बिना वजह दवा न दें
सिर्फ हाथ से नहीं,थर्मामीटर से तापमान जाँचें
Medicines (Names)
- Paracetamol
- ORS (Oral Rehydration Solution)
- Vitamin D3 supplements
- Calcium supplements
- Multivitamin syrup
- Albendazole
- Mebendazole
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या सिर्फ हथेली गर्म होने से बुखार माना जाता है
नहीं, बुखार तभी माना जाता है जब तापमान मापने पर अधिक हो।
क्या यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत है
अधिकतर मामलों में नहीं। लेकिन अन्य लक्षण हों तो जाँच ज़रूरी है।
क्या बच्चे को ठंडा पानी पिलाना चाहिए
नहीं, सामान्य तापमान का पानी या दूध ही उचित होता है।
क्या इससे आगे चलकर कोई समस्या होती है
नहीं, यदि बच्चा स्वस्थ है तो कोई दीर्घकालिक समस्या नहीं होती।
डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए
जब बुखार आए, बच्चा सुस्त हो जाए या माता-पिता को कुछ असामान्य लगे।
डॉक्टर की तरफ से माता-पिता के लिए अंतिम बात
माता-पिता का चिंतित होना स्वाभाविक है, लेकिन हर छोटी बात बीमारी नहीं होती। बच्चों का शरीर बड़ों से अलग होता है। उनकी हथेलियाँ और माथा अक्सर गर्म रह सकते हैं और यह सामान्य भी हो सकता है। सबसे ज़रूरी है बच्चे के व्यवहार पर ध्यान देना, केवल छूकर डर जाना नहीं।
Desclemer
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। बच्चे से संबंधित किसी भी स्वास्थ्य समस्या में योग्य चिकित्सक से सलाह अवश्य लें।
